रूस में ड्रोन हमले में युवक की मौत, ओडिशा परिवार परेशान
गंजाम। ओडिशा के गंजाम जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आई है। यहाँ के रहने वाले एक भारतीय युवक की रूस में यूक्रेन द्वारा किए गए घातक ड्रोन हमले में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह भीषण हमला रविवार को रूस के मॉस्को क्षेत्र में हुआ, जिसकी चपेट में आने से भारतीय युवक ने अपनी जान गंवा दी। वह महज एक महीने पहले ही सुनहरे भविष्य और रोजगार की तलाश में सात समंदर पार रूस गया था, लेकिन किसे पता था कि वहाँ उसकी जिंदगी का ऐसा दर्दनाक अंत हो जाएगा।
एक महीने पहले ही माधबन्धा गांव से मॉस्को गया था रामैया
इस दिल दहला देने वाले हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान गंजाम जिले के चिकिटी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले माधबन्धा गांव के निवासी ए रामैया के रूप में हुई है। रामैया अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए करीब 30 दिन पहले ही रूस पहुंचा था। इस अनहोनी की खबर रूस में ही मौजूद उसके एक दोस्त ने फोन पर भारत में रह रहे पीड़ित परिवार को दी। जैसे ही यह खबर रामैया के घर पहुंची, परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।
पीड़ित परिवार ने लगाई गंजाम जिलाधिकारी से गुहार
जवान बेटे की मौत की खबर से टूटे परिजनों ने अपने लाडले के अंतिम दर्शन के लिए उसके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की गुहार लगाई है। इसके लिए पीड़ित परिवार ने तुरंत गंजाम के जिलाधिकारी (डीएम) कीर्ति वासन वी से मुलाकात की और मदद की अपील की। परिजनों ने प्रशासन को घटना की पूरी जानकारी देकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप करने की मांग उठाई है ताकि कानूनी अड़चनों को दूर कर शव को जल्द घर लाया जा सके।
दिल्ली रेजिडेंट कमिश्नर और भारतीय दूतावास हुए सक्रिय
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गंजाम जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। जिलाधिकारी कीर्ति वासन वी ने मीडिया को बताया, "हमें मॉस्को से ए रामैया की इस बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की आधिकारिक सूचना मिली है। इसके तुरंत बाद हमने नई दिल्ली स्थित ओडिशा के रेजिडेंट कमिश्नर के कार्यालय से संपर्क साधा है।" उन्होंने बताया कि रेजिडेंट कमीशन अब तय नियमों और प्रोटोकॉल के तहत मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय राजनयिक चैनलों के जरिए शव वापसी के प्रयास तेज
जिलाधिकारी ने साफ किया कि विदेशी धरती से किसी नागरिक के शव को वापस वतन लाना एक जटिल प्रक्रिया होती है, जिसे अंतरराष्ट्रीय राजनयिक (diplomatic) चैनलों के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के अधिकारी मॉस्को में रूसी प्रशासन के साथ मिलकर कागजी कार्रवाई को पूरा करने में जुटे हैं। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएं।
शव को जल्द से जल्द ओडिशा लाने के लिए उठाए जा रहे हैं कदम
प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया है कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। रामैया के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सुरक्षित ओडिशा और उनके पैतृक गांव माधबन्धा लाने के लिए सभी आवश्यक और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। वर्तमान में गांव के लोग और परिजन सरकार की ओर से आने वाले अगले अपडेट और पार्थिव देह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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