जयपुर। राजस्थान इन दिनों मौसम के दो विपरीत छोरों का सामना कर रहा है। प्रदेश में एक तरफ जहां पूर्वी इलाकों में मेघ मेहरबान हैं और ओलावृष्टि से मौसम खुशनुमा बना हुआ है, वहीं पश्चिमी हिस्से भीषण लू और तपिश की मार झेल रहे हैं। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को भी भरतपुर और अलवर समेत कई जिलों के लिए आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की है।


राजस्थान में मौसम का यू-टर्न: कहीं राहत की बौछारें, तो कहीं आसमान से बरसती आग

मरुधरा के मौसम में आए इस बड़े बदलाव ने जनजीवन को प्रभावित किया है। एक ओर जहां आंधी-बारिश ने पारे को नीचे गिराया है, वहीं दूसरी ओर रेतीले धोरों में सूरज के तेवर तीखे बने हुए हैं।

पूर्वी राजस्थान: आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर

गुरुवार को जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया।

  • कहां हुई बारिश: अलवर, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई।

  • ओलावृष्टि और अंधड़: दौसा में करीब आधे घंटे तक चले धूलभरी आंधी के बाद जोरदार बारिश दर्ज की गई। यहां सर्वाधिक 14.2 एमएम बारिश हुई, जबकि वनस्थली (टोंक) में 4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • अलर्ट: मौसम विभाग ने आज भी धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, अलवर और भरतपुर में हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

पश्चिमी राजस्थान: 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा

पूर्वी राजस्थान के विपरीत, प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में है। जैसलमेर गुरुवार को प्रदेश का सबसे तप्त स्थान रहा।

  • प्रमुख शहरों का तापमान:

    • जैसलमेर: 45.1 डिग्री सेल्सियस

    • बाड़मेर: 44.2 डिग्री सेल्सियस

    • फलोदी: 43.6 डिग्री सेल्सियस

    • बीकानेर: 43.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम राहत वाले जिलों में अजमेर, सीकर और उदयपुर शामिल रहे, जहां पारा 40 डिग्री के नीचे बना हुआ है।


आगामी दिनों का पूर्वानुमान: बढ़ने वाली है तपिश

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों तक पूर्वी राजस्थान में छिटपुट बारिश और बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान के लिए खबर चिंताजनक है। वहां आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की और बढ़ोत्तरी होने की आशंका है, जिससे कई जिलों में भीषण 'हीटवेव' (लू) का प्रकोप शुरू हो सकता है।