जयपुर: राजस्थान में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बरस रहे बादलों ने अब थोड़ी राहत दी है और प्रदेश में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 10 और 11 जुलाई से शुरू हो रहे आगामी सप्ताह के दौरान राज्य में मानसूनी हवाएं कमजोर स्थिति में रहेंगी। इस बदलाव के चलते प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क बने रहने की संभावना है, जबकि केवल कुछ सीमित इलाकों में ही छिटपुट बौछारें गिरने की उम्मीद जताई गई है।

सीजन की कुल बारिश और वर्तमान स्थिति

भले ही वर्तमान में मानसूनी गतिविधियां धीमी पड़ गई हों, लेकिन शुरुआती दौर में हुई झमाझम बारिश के कारण राज्य के जलस्तर में अच्छा सुधार हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक राजस्थान के विभिन्न जिलों में सामान्य के मुकाबले 13 प्रतिशत ज्यादा बरसात दर्ज की जा चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक किसी भी क्षेत्र में भारी या अति भारी बारिश होने के आसार बेहद कम हैं और केवल स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा देखी जा सकती है।

मरुधरा में मानसून की एंट्री और क्षेत्रीय प्रभाव

हाल ही में मानसून ने पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों जैसे बीकानेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी क्षेत्र में प्रवेश तो किया, लेकिन इसकी शुरुआत काफी धीमी रही। हनुमानगढ़ के कुछ हिस्सों को छोड़ दिया जाए, तो पश्चिमी हिस्से के अधिकांश क्षेत्रों में धूप खिली रही और मौसम साफ रहा। दूसरी तरफ, पूर्वी राजस्थान के अजमेर, बारां, करौली और धौलपुर जिलों में मानसून की मौजूदगी के कारण हल्की से मध्यम दर्जे की फुहारें दर्ज की गईं, जिससे मौसम में थोड़ी नमी बनी रही।

पिछले चौबीस घंटों के वर्षा जनित आंकड़े

बीते एक दिन के दौरान राज्य के कुछ पॉकेट्स में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिसमें अजमेर का केकड़ी क्षेत्र सबसे आगे रहा और वहां सर्वाधिक 49 मिलीमीटर पानी बरसा। इसी तरह बारां के अंता में 28 मिलीमीटर, करौली के सूरोठ में 24 मिलीमीटर और चूरू के सिद्धमुख में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा करौली के मासलपुर, झुंझुनूं के पिलानी सहित हनुमानगढ़, जालौर, भीलवाड़ा, दौसा, धौलपुर, झालावाड़, कोटा और सीकर जैसे जिलों में भी स्थानीय स्तर पर हल्की वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

धूप निकलने से पारे में उछाल और गर्मी का असर

बादलों की आवाजाही कम होने और मानसूनी तंत्र के कमजोर पड़ते ही प्रदेश के कई शहरों में सूरज के तीखे तेवर फिर से देखने को मिल रहे हैं, जिससे तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। श्रीगंगानगर, चूरू, अलवर, चित्तौड़गढ़ और राजधानी जयपुर सहित कई जिलों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस दौरान श्रीगंगानगर जिला 42.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं राजधानी जयपुर में भी धूप के प्रभाव के चलते अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।