चित्तौड़गढ़। राजस्थान के निम्बाहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में देर रात एक कबाड़ के कारखाने और उससे सटी गत्ते की फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयानक थी कि इसकी गगनचुंबी लपटें कई किलोमीटर दूर से साफ देखी जा सकती थीं। इस विनाशकारी अग्निकांड में दोनों ही फैक्ट्रियों के भीतर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान पूरी तरह जलकर मलबे में तब्दील हो गया। गनीमत यह रही कि समय रहते इस भयानक हादसे की भनक लग गई, जिसके चलते सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए और एक बड़ी जनहानि होने से टल गई।

बिजली आपूर्ति बहाल होते ही भड़की भयंकर आग

हादसे की प्रारंभिक वजहों को लेकर यह बात सामने आ रही है कि क्षेत्र में दिनभर बिजली गुल रहने के कारण फैक्ट्रियों के अधिकांश स्विच बंद थे। देर रात जैसे ही विद्युत आपूर्ति दोबारा बहाल की गई, वैसे ही संभवतः किसी शॉर्ट सर्किट या विद्युत फॉल्ट की वजह से भयंकर चिंगारियां उठीं, जिसने वहां रखे अत्यधिक ज्वलनशील कच्चे माल को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पास में स्थित गत्ते की दूसरी फैक्ट्री को भी अपनी आगोश में ले लिया। गत्ते की फैक्ट्री में उस वक्त कोई मौजूद नहीं था, लेकिन पास में सो रहे मजदूरों ने लपटें उठती देख तुरंत फैक्ट्री मालिक और पुलिस प्रशासन को खतरे की सूचना दी।

दर्जनों दमकल गाड़ियों और घंटों की मशक्कत से पाया काबू

फैक्ट्री में आग की भयावहता की सूचना मिलते ही कारखानों के मालिक तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद के दमकल वाहनों के साथ-साथ आसपास की बड़ी औद्योगिक इकाइयों से भी आपातकालीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलवाई गईं। कई दमकल वाहनों और पानी के दर्जनों टैंकरों की मदद से दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घंटों तक पानी की बौछारें कीं, तब जाकर इस भयानक आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।

मलबे को हटाने का काम जारी और भारी नुकसान का आकलन

आग बुझाने के बाद भी दमकल कर्मियों ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए मलबे को हटाने और कूलिंग का काम जारी रखा, ताकि नीचे दबी किसी चिंगारी से दोबारा आग भड़कने का खतरा न रहे। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मुस्तैद रहे और हालात पर नजर बनाए रखी। फैक्ट्री मालिकों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस हादसे में भारी मात्रा में तैयार माल और मशीनें जलने से लाखों रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, और पुलिस अब आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।