बालोतरा: राष्ट्रीय राजमार्ग-125 पर रविवार देर रात एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें पांच युवकों की अकाल मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक दुर्घटना भांडियावास गांव के नजदीक उस समय हुई जब एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो गाड़ी आगे चल रहे डंपर से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और उसकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए मौके पर दौड़े।

भीषण टक्कर में तीन युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम

इस भयावह हादसे की चपेट में आने से तीन युवकों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ी की बॉडी में फंसे घायलों और शवों को बाहर निकाला। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बाद भी आपातकालीन सेवा की 108 एम्बुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंची, जिसके कारण लोगों ने निजी वाहनों और निजी एम्बुलेंस की मदद से घायलों को बालोतरा के राजकीय नाहटा अस्पताल पहुंचाया।

जोधपुर अस्पताल ले जाते समय दो और घायलों की मौत

राजकीय नाहटा अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल मरीजों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रैफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान दो और जिंदगी की जंग हार गए, जिससे इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। बाकी बचे तीन घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है जिनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।

पांच युवकों की मौत से कानोड़ गांव में पसरा सन्नाटा

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक इस सड़क हादसे का शिकार हुए सभी युवक बालोतरा जिले के बायतू क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कानोड़ गांव के निवासी थे। जैसे ही एक साथ पांच होनहार युवकों की मौत की खबर उनके पैतृक गांव पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और इस दिल दहला देने वाली घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी पुलिस

स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर हादसे की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर हादसे की असली वजह का पता लगाया जा रहा है। इस भीषण हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर गाड़ियों की बेलगाम रफ्तार, सड़क सुरक्षा के नियमों और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तत्परता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।