गणपति को 1008 मोदक का लगाया भोग
जयपुर । जयपुर के प्रमुख गणेश मंदिरों में प्रथम पूज्य का पंचामृत अभिषेक करते हुए विशेष पूजन किया गया मंदिरों में अथर्व शीर्ष के पाठ किए गए और गणपति स्त्रोत से भगवान गणेश को रिझाया गया। धर्म शास्त्रों में कुल 27 नक्षत्र का जिक्र है जिनमें पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है ये नक्षत्र समृद्धि दायक, सर्वश्रेष्ठ और शुभ फल प्रदान करने वाला नक्षत्र माना गया है। आज पुष्य नक्षत्र के अवसर पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भगवान गणपति का पंचामृत अभिषेक किया गया. गणेश जी महाराज का 151 किलो दूध, 21 किलो दही, सवा 5 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा जल, गुलाब जल, केवड़ा इत्र और गुलाब इत्र से अभिषेक किया गया. सर्वप्रथम भगवान श्री का गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया. इसके बाद केवड़ा जल, गुलाब जल से अभिषेक किया गया. फिर पंचामृत अभिषेक कर आखिर में गंगाजल से शुद्ध स्नान कराया गया. इसके साथ ही भगवान श्री गणपति सहस्त्रनाम से 1008 मोदक अर्पित किए गए।

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