जयपुर। राजस्थान में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जहां एक तरफ पारे में उछाल से गर्मी के तेवर तीखे हो गए हैं, वहीं दूसरी तरफ कई इलाकों में मेघ बरस रहे हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे हीटवेव (लू) का असर फिर से महसूस होने लगा है। फलोदी में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू गया है, जबकि सीमावर्ती जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में भी पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। तपिश के इस दौर के बीच राज्य के विभिन्न अंचलों में बीते 24 घंटों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें गिरने का सिलसिला भी बना हुआ है।

कई जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश

सूबे के कई इलाकों में अंधड़ और बारिश ने मौसम को बदला है, जिसमें बारां जिले के अटरू में सबसे ज्यादा 62 मिलीमीटर (मिमी) पानी बरसा है। इसके अलावा रविवार, 21 जून को झुंझुनूं में 34 मिमी और श्रीगंगानगर में सुबह से लेकर शाम तक 14.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जहां बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे। हनुमानगढ़, जयपुर और कोटा सहित राज्य के कई अन्य जिलों में भी बादलों ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। मौसम केंद्र ने सोमवार, 22 जून को भी अपनी सक्रियता का अनुमान जताते हुए प्रदेश के 17 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

पांच संभागों में अंधड़ और वर्षा की चेतावनी

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शेखावाटी अंचल के अलावा बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के जिलों में आने वाले दिनों में बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि मौसम का यह मिजाज और आंधी-बारिश की यह गतिविधियां अगले तीन दिनों तक यानी 25 जून तक राज्य के इन हिस्सों में लगातार जारी रह सकती हैं।

दक्षिण राजस्थान में मौसम रहेगा शुष्क

मौसम के इस बदलाव के बीच आगामी 23 जून को जयपुर, बीकानेर और भरतपुर संभागों में कुछ-कुछ जगहों पर छिटपुट वर्षा होने के आसार हैं, जबकि 25 जून तक इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है। इसके विपरीत, वागड़ और मेवाड़ यानी दक्षिणी राजस्थान के जिलों में मौसम का रुख थोड़ा अलग रहेगा। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, इस विशेष क्षेत्र में फिलहाल मानसून पूर्व की गतिविधियों और बारिश में काफी कमी देखने को मिल सकती है, जिससे यहां के निवासियों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।