भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में दिल्ली की एक प्रतिष्ठित IAS एकेडमी की डायरेक्टर के अपहरण और करोड़ों की फिरौती का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि एकेडमी की ही भोपाल फ्रेंचाइजी चलाने वाला प्रियंक शर्मा निकला। पुलिस ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को एम्स के आईसीयू (ICU) से गिरफ्तार किया है।


साजिश: सुंदरकांड के शोर में दबाई चीखें

एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को भोपाल में नई ब्रांच के लिए जगह दिखाने के बहाने बुलाया गया था। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे प्रियंक उन्हें होटल ताज से अपने साथ ले गया और बागसेवनिया स्थित एक फ्लैट में बंधक बना लिया।

  • हैरान करने वाला तथ्य: आरोपियों ने फ्लैट में जानबूझकर सुंदरकांड का पाठ करवाया ताकि अगर पीड़िता विरोध में शोर मचाए, तो उसकी आवाज लाउडस्पीकर के शोर में दब जाए और पड़ोसियों को भनक न लगे।

  • फिरौती: कनपटी पर पिस्टल सटाकर डायरेक्टर से करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

मास्टरमाइंड: यूपीएससी का पूर्व छात्र और रिटायर्ड अफसर का बेटा

वारदात का मुख्य सूत्रधार प्रियंक शर्मा भेल (BHEL) के एक रिटायर्ड अधिकारी का बेटा है। वह खुद दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर चुका था और वर्तमान में शुभ्रा रंजन की एकेडमी की फ्रेंचाइजी चला रहा था। उसे पता था कि संस्थान के पास बड़ी रकम रहती है, इसी लालच में उसने दतिया और कालापीपल से अपने साथियों को बुलाकर अपहरण की योजना बनाई।

गिरफ्तारी: अस्पताल के बिस्तर से सलाखों तक

वारदात के बाद प्रियंक विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन जब उसे लगा कि पुलिस घेराबंदी कर रही है, तो वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बीमार होने का नाटक कर भोपाल एम्स के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसे ढूंढ निकाला और अस्पताल से ही हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 अन्य (रामजी, निहाल और रामेश्वर) अब भी फरार हैं।

पकड़े गए आरोपियों का प्रोफाइल

पुलिस ने मास्टरमाइंड के साथ जिन सहयोगियों को दबोचा है, उनकी भूमिका इस प्रकार रही:

  • दीपक भगत: प्रियंक का ड्राइवर, जिसने गिरफ्तारी के वक्त मरने का नाटक किया।

  • रोहित: संस्थान का सफाईकर्मी, जो हथियार लेकर फ्लैट में मौजूद था।

  • विक्की दाहिया: मार्केटिंग कर्मी, जिसने दतिया से गुंडे बुलाने का काम किया।

  • कुनाल और पंकज: दतिया के मजदूर, जिन्हें 5-5 लाख रुपए का लालच देकर बुलाया गया था।

राहत की बात: पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन सभी बैंक खातों को होल्ड (Freeze) करा दिया है जिनमें फिरौती की रकम ट्रांसफर की गई थी, ताकि पीड़ित की राशि सुरक्षित रहे। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।