ओलावृष्टि का कहर, अर्जुनसर समेत कई गांवों में फसलें बर्बाद
बीकानेर। अर्जुनसर में दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली और देखते-ही-देखते हालात बिगड़ गए। तेज आंधी-तूफान, मेघगर्जन और मूसलाधार बारिश के बीच नींबू से भी बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, बल्कि किसानों की पकी-खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया।
गेहूं और इसबगोल की फसल बर्बाद
रतनीसर के किसान मदन शर्मा ने बताया कि ओलावृष्टि इतनी तेज और भयंकर थी कि कुछ ही मिनटों में गेहूं और इसबगोल की पूरी फसल बर्बाद हो गई। ओले नींबू के आकार के थे और कई उससे भी बड़े थे। चक जोड़, नया खानीसर (99 आरडी), फूलेजी, चक भवानी नगर और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में भी यही कहर बरपा। अर्जुनसर बाजार में अचानक आई इस आपदा से अफरा-तफरी मच गई। राहगीर और दुकानदार खुद को बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोग दुकानों और सुरक्षित स्थानों में शरण लेने को मजबूर हुए।
ओलों का वजन 150 ग्राम से भी ज्यादा
स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर गिरे ओलों का वजन 150 ग्राम से भी ज्यादा था। चकजोहड़ के किसान रामकिशन ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा, 'हम सरसों की कटाई कर रहे थे। अचानक आसमान से ओले बरसने लगे। काम बीच में छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।'
बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता
इस बेमौसम ओलावृष्टि और तेज बारिश ने किसानों की चिंता कई गुना बढ़ा दी है। खासकर खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई। कई किसान अब सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

बीजेपी की रणनीति और बंगाल के राजनीतिक हालात पर नजर
किस्त पाने के लिए करें e-KYC, जानिए आसान तरीका
Manasa में केंद्रीय नारकोटिक्स की छापेमारी, अवैध अफीम जब्त
972 करोड़ की डील पर सवाल, नई डायल 112 गाड़ियां कुछ महीनों में ही जवाब दे गईं
फोन से करें राशन कार्ड e-KYC, नहीं तो राशन से वंचित रह सकते हैं