पुलिस के दबाव में आए नक्सली, डेडलाइन से पहले किया आत्मसमर्पण
रायपुर|डेडलाइन खत्म होने के आखिरी दिन कांकेर में दो नक्सलियों ने सरेंडर किया. दोनों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं. एक नक्सली के पास तो AK-47 हथियार भी था. दोनों की पहचान हिड़मे और शंकर के रूप में हुई है|
सोमवार को टॉप नक्सली कमांडर ने किया सरेंडर
इसके पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में टॉप माओवादी कमांडर सुरेश और आठ अन्य कैडरों ने आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता के सामने सरेंडर कर दिया. सोमन्ना उर्फ चेल्लूरी नारायण राव CPI (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी का सदस्य और आंध्र-ओडिशा सीमा स्पेशल ज़ोनल कमेटी का सचिव था|सोमन्ना ने माओवादी आंदोलन में लगभग 36 साल बिताए और इसके टॉप नेताओं में से एक थे. अन्य आठ कैडरों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के प्लाटून कमांडर, एरिया कमेटी के सदस्य और पार्टी सदस्य शामिल थे|
राजनांदगांव से मिले हथियार
इसके अलावा सोमवार को ही राजनांदगांव रेंज के मोहला‑मानपुर‑अंबागढ़ चौकी जिले में जंगल से नक्सल डंप बरामद किया गया है. पुलिस ने AK‑47, INSAS राइफल और 46 जिंदा कारतूस जब्त किए|
सुन्दरराज पी ने की अपील
बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने विगत तीन दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए इन सभी 11 माओवादी कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई|उन्होंने कहा कि माओवादी कैडरों के पास आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास के विकल्प को चुनने के लिए अब केवल कुछ ही घंटे का समय शेष रह गया है. उन्हें इस अवसर का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपने हिंसक अतीत को त्यागकर सामान्य, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए|

CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
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