सऊदी प्रिंस के भाई ने खेला डबल गेम, ईरान से लग रहा डर
तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरान की सरकारी मीडिया ने कर दी है। दो ईरानी सूत्रों के हवाले से बताया है कि हमले से कुछ देर पहले खामेनेई अपने दो सीनियर सलाहकारों अली लारीजानी और अली शमखानी के साथ एक सुरक्षित जगह पर बैठक कर रहे थे। इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने कहा है कि अली शमखानी भी शनिवार सुबह हमलों में मारे गए हैं जबकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत की बात कही। लारीजानी ने शनिवार रात को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक्स पर एक पोस्ट किया था और फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर पता नहीं चल पाया है।
मीडिया रिपोर्ट में अमेरिका के एक सूत्र ने बताया कि खामेनेई शाम को तेहरान में एक बैठक करने वाले थे इजराइली खुफिया एजेंसी को इसकी जानकारी थी, लेकिन इससे पहले खुफिया एजेंसी को ये भी पता चल गया कि सुप्रीम लीडर शनिवार सुबह भी एक बैठक करने वाले हैं इसीलिए इजराइली हमला सुबह किया गया। हालांकि बैठक की जगह नहीं बताई गई है लेकिन तेहरान में एक सिक्योर कंपाउंड में शुरूआती हमलों में ही उनकी मौत हो गई।
रिपोर्ट में इजरायल के अलावा, सऊदी अरब ने भी ट्रंप पर ईरान पर हमला करने के लिए दबाव डाला था। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने खुले तौर पर डिप्लोमैटिक समाधान का समर्थन करने के बावजूद ईरान पर हमले का समर्थन किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्राउन प्रिंस ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से कहा कि सऊदी अरब ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अपने एयरस्पेस या इलाके का इस्तेमाल नहीं होने देगा, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वॉशिंगटन ने मिडिल ईस्ट में अपनी बड़ी मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल नहीं किया तो ईरान और ज्यादा मजबूत और खतरनाक बनकर उभरेगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस के भाई, खालिद बिन सलमान ने जनवरी में वाशिंगटन दौरे के दौरान प्राइवेट बैठकों में अमेरिकी अधिकारियों को हमला करने के लिए कहा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप ने आखिरकार अपनी पुरानी पॉलिसी के बावजूद हमले को आगे बढ़ाने का फैसला किया और भले ही ईरान से अमेरिकी इलाके को कोई सीधा खतरा नहीं था। क्राउन प्रिंस का दोहरा रवैया शायद सऊदी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ईरान के बदले की कार्रवाई से बचने की उनकी इच्छा को दिखाता है। उनके करीबी लोगों ने माना कि वह तेहरान को रियाद का मुख्य क्षेत्रीय दुश्मन मानते हैं।

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