Gold-Silver Crash: रिकॉर्ड तेजी के बाद सोने-चांदी में तेज गिरावट, ETF निवेशकों को झटका
Gold Silver Price Crash: रिकॉर्ड तेजी के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। 30 जनवरी को ट्रेडिंग के दौरान गोल्ड और सिल्वर ETF में जोरदार बिकवाली हुई, जिससे कई फंड 10% से लेकर 24% तक टूट गए। इससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
MCX पर अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर करीब 9% गिरकर 1,68,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हैरानी की बात यह है कि एक दिन पहले ही सोना 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था। इतनी तेज गिरावट ने बाजार की दिशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चांदी में गिरावट और भी ज्यादा तेज रही। मार्च एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर 15% टूटकर 3,39,910 रुपये प्रति किलो पर आ गया। वहीं मई और जुलाई कॉन्ट्रैक्ट में भी 12% से 15% तक की कमजोरी दर्ज की गई। साफ है कि दबाव केवल सोने तक सीमित नहीं रहा।
ETF निवेशकों को भी बड़ा झटका लगा है। Nippon India Gold BeES करीब 10% गिरा। ICICI Prudential, HDFC, Axis, UTI, DSP और Quantum Gold ETF में 10–12% की गिरावट देखी गई। चांदी के ETF की हालत और खराब रही। Axis Silver ETF 24% तक टूट गया, जबकि ICICI Prudential, Kotak और SBI Silver ETF में 22–23% की गिरावट दर्ज की गई।
इस Gold Silver Price Crash की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन को लेकर अटकलें मानी जा रही हैं। निवेशक मुनाफावसूली की ओर बढ़े हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि एकमुश्त निवेश से बचें और चरणबद्ध तरीके से, पोर्टफोलियो का 5–10% हिस्सा ही गोल्ड या सिल्वर ETF में लगाएं।

पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition
नई शराब नीति: पारदर्शी लाइसेंसिंग से बढ़ी प्रतिस्पर्धा और राजस्व