नारायणपुर में आत्मसमर्पित माओवादियों का सामूहिक विवाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हुए शामिल
नारायणपुर : जिले के हाईस्कूल मैदान में आज आत्मसमर्पित माओवादियों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने समाज की मुख्यधारा में लौटे चार नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हिंसा और संघर्ष का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में लौटना साहस, समझदारी और सकारात्मक सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के माध्यम से आत्मसमर्पित युवाओं को समाज से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। यह समारोह केवल वैवाहिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्वास, पुनर्वास और मानवीय संवेदनाओं के साथ नए जीवन की शुरुआत का सशक्त प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और समाज के विभिन्न वर्गों की उपस्थिति में विवाह की सभी पारंपरिक रस्में संपन्न कराई गईं। नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में शांति स्थापना के लिए केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक पुनर्वास और भरोसे का वातावरण बनाना भी उतना ही आवश्यक है। आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादी अब सामान्य और सम्मानपूर्ण जीवन जी रहे हैं, जो पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पित माओवादियों को आवास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। यह सामूहिक विवाह समारोह न केवल नारायणपुर, बल्कि पूरे बस्तर अंचल में शांति, विकास और मानवीय दृष्टिकोण की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

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