इमरान की पार्टी के ही सांसद ने किया दावा कहा- घबराने की बात नहीं है वे जिंदा हैं
इस्लामाबाद,। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा का दौर जारी है। हाल के दिनों में उनकी मौत की अफवाहों ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया था, लेकिन अब उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के एक प्रमुख सांसद ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। सांसद खुर्शीद जीशान ने दावा किया है कि इमरान खान जीवित हैं और अडियाला जेल में ही कैद हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान शासन उन्हें पाकिस्तान छोड़ने के लिए जबरदस्ती दबाव डाल रहा है। यह बयान एक इंटरव्यू में आया, जब पिछले एक सप्ताह से इमरान की मौत की खबरें तेजी से फैल रही थीं।
खुर्शीद जीशान ने कहा कि अफवाहें फैलाने का मकसद इमरान की लोकप्रियता को कमजोर करना है। उन्होंने स्पष्ट किया, पिछले कुछ दिनों में हमें आश्वासन दिया गया है। इमरान खान जीवित हैं और फिलहाल अडियाला जेल में ही बंद हैं। लेकिन उन्होंने जेल प्रशासन की आलोचना की और कहा कि इमरान को जानबूझकर अलग-थलग रखा जा रहा है, जो एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक महीने से अधिक हो गया, इमरान को जेल के अंदर अलग रखा गया है। उनके परिवार, वकीलों और यहां तक कि पीटीआई के नेताओं को भी उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही। यह स्पष्ट मानवाधिकार उल्लंघन है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें किसी बड़े फैसले के लिए मजबूर किया जा रहा है, उनकी हिम्मत तोड़ने की कोशिश हो रही है।
यह विवाद तब भड़का जब इमरान के बेटे कासिम ने अपने पिता से मिलने का समय मांगा। कासिम ने कहा, मेरे पिता को पिछले 845 दिनों से कैद में रखा गया है। आखिरी छह हफ्तों से उन्हें मौत की सजा वाले ब्लॉक में डाला गया है। हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं है। अदालत के आदेश के बावजूद इमरान की बहनों नूरीन नियाज़ी, अलीमा खान और डॉ. उज़मा खान को जेल के बाहर मिलने नहीं दिया गया। इससे अफवाहों को बल मिला कि इमरान की जेल में ही हत्या कर दी गई है। बहनों ने पंजाब पुलिस प्रमुख को पत्र लिखकर पुलिस की क्रूर और सुनियोजित कार्रवाई का आरोप लगाया, जिसमें प्रदर्शन के दौरान उन्हें पीटा गया। पीटीआई समर्थकों ने जेल के बाहर धरना दिया, जो हिंसक प्रदर्शन में बदल गया।
अडियाला जेल प्रशासन ने अफवाहों को बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ट किया कि इमरान पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें पूर्ण चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। जेल अधिकारियों ने कहा, उनके स्थानांतरण की कोई खबर सही नहीं है। वे जेल में ही हैं और अच्छे स्वास्थ्य में हैं। पाकिस्तानी सरकार और पीटीआई नेताओं ने भी संयुक्त बयान जारी कर इमरान की स्थिर स्थिति की पुष्टि की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने बताया, इमरान बिल्कुल ठीक हैं, उनकी सेहत में कोई समस्या नहीं।
इन आश्वासनों के बाद पीटीआई नेताओं और वकीलों को इमरान से मिलने की अनुमति मिली। परिवार को सोमवार और मंगलवार को मुलाकात का समय दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण रूप से हट गए। कासिम के बयान से पाकिस्तान आर्मी और शहबाज सरकार पर भारी दबाव बना था। पीटीआई ने मांग की कि सरकार इमरान की सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों की जिम्मेदारी निभाए। इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न भ्रष्टाचार और आतंकवाद से जुड़े मामलों में जेल में हैं। अडियाला जेल, जो मूल रूप से 1,927 कैदियों के लिए बनी थी, अब 6,000 से अधिक लोगों को समेटे हुए है। पीटीआई का दावा है कि इमरान की लोकप्रियता से सत्ता पक्ष डरा हुआ है, इसलिए कोई फोटो या वीडियो जारी नहीं किया जा रहा। यह घटना पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और गहरााती है, जहां इमरान समर्थक इमरान कहां हैं? हैशटैग चला रहे हैं। जेल की कुख्याति के कारण अफवाहें जल्दी फैलती हैं, लेकिन अब आधिकारिक पुष्टि से मामला शांत होता दिख रहा है।

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