गोपाष्टमी पर मुख्यमंत्री निवास में हुआ गौपूजन, सीएम ने किया गौसंवर्धन पर जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को गोपाष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पर सपत्नीक गौपूजन किया और प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने तिलक लगाकर गौमाता को पुष्प अर्पित किए, माला पहनाई और गुड़ खिलाकर श्रद्धा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने गौमाता को वस्त्र भी अर्पित किए।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गोपाष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा और सनातन परंपरा की अमर धरोहर है। उन्होंने कहा कि गौमाता के प्रति श्रद्धा, सेवा और संरक्षण की भावना हमारे संस्कारों में रची-बसी है। यह पर्व पशु-सेवा, पर्यावरण-संरक्षण और संवेदनशीलता का संदेश देता है।
'गौपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए चल रहीं कई योजनाएं'
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गौसंवर्धन और गौशालाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। गौशालाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, गोवंश के पालन-पोषण की सुविधाएं बढ़ाने और गौपालकों को प्रोत्साहन देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं।
अपील: गौसेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय संतुलन की आधारशिला हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे गौसेवा को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहें।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता ने भी की सहभागिता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गौमाता की आरती उतारी और उपस्थित जनों के साथ ‘गौमाता की जय’ के जयकारे लगाए। उन्होंने सभी से गौसंवर्धन का संकल्प लेने और समाज में दया, सेवा और सहयोग की भावना फैलाने का आह्वान किया। पूजा में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी गीता शर्मा सहित परिवारजन और अधिकारियों ने भी सहभागिता की।

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