सुशासन तिहार में CM साय की जनजातीय चौपाल, पहाड़ी कोरवाओं के बीच बिताया समय
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहाड़ी कोरवाओं के जनमन आवास पहुंचने पर परिजनों ने पारंपरिक रीति-रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय आज सुशासन तिहार के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर सुदूर पहाड़ी कोरवा गांव हरगवां ढोढरी कला अचानक पहुंचे। चौपाल में ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद मुख्यमंत्री ने पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवासों का अवलोकन किया और उसकी गुणवत्ता देखी। लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर उनका पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री को सरई फूल की माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के साथ पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते-मिलते नजर आए। उन्होंने उनके रहन-सहन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से मकान के बारे में पूछा, जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में काफी दिक्कतें होती थीं। लेकिन अब पक्का मकान मिल जाने से मैं खुश हूं। अब मुझे किसी बात की चिंता नहीं है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई के पत्तों से बनी थाली में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। उन्होंने आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी स्वाद चखा। लहंगू की पत्नी दारसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार छिंद चटाई, रागी, कुटकी और कटहल भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इस कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भुखना के प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत बने मकान का भी अवलोकन किया।

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