कैलाश विजयवर्गीय के बयान से सियासत गरमा गई, नगर निगमों में टैक्स वृद्धि पर बोले- “नगर निगम ने साहस दिखाकर किया अच्छा काम“

इंदौर: नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेयर समिट के दौरान अन्य नगर निकायों में भी टैक्स बढ़ाने की बात कही थी, जिस पर अब जमकर राजनीति हो रही है और राजनीतिक पारा चढ़ गया है। समिट में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नगर निगम ने हिम्मत दिखाई है और टैक्स बढ़ाया है, अन्य शहरों के मेयरों को भी ऐसा ही करना चाहिए। इस पर ग्वालियर और सिंगरौली के मेयरों ने इस सुझाव का विरोध किया है। हालांकि टैक्स बढ़ाने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विजयवर्गीय का बयान
इंदौर में आयोजित मेयर समिट में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर नगर निगम ने हिम्मत दिखाई है और टैक्स बढ़ाया है और अन्य शहरों के मेयरों को भी ऐसा ही करना चाहिए। उन्होंने कहा, अगली बार आप मेयर नहीं बनेंगे, इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। कुछ मेयरों ने उनके बयान से असहमति जताई और इसे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम बताया। सिंगरौली और ग्वालियर के मेयरों का विरोध सिंगरौली और ग्वालियर के मेयरों ने इस सुझाव का साफ तौर पर विरोध किया। उनका कहना है कि छोटे शहरों में टैक्स बढ़ाना आसान नहीं है, क्योंकि इससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। ग्वालियर मेयर ने कहा, "हमारे शहरों के लोग पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं, ऐसे में टैक्स बढ़ाना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक मायने और जनता की प्रतिक्रिया
नगर निगमों में टैक्स बढ़ोतरी का यह मामला राजनीतिक रंग भी ले सकता है। विपक्षी दलों ने इसे जनता के खिलाफ फैसला बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। इस बयान को लेकर आम जनता में भी मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे नगर निगमों की आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी मान रहे हैं, तो कुछ इसे सीधे जनता की जेब पर असर डालने वाला कदम मान रहे हैं।
नहीं हुई कोई आधिकारिक घोषणा
फिलहाल टैक्स बढ़ोतरी को लेकर नगर निगमों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस मुद्दे पर मेयर और प्रशासन के बीच चर्चा चल रही है।